इस पृष्ठ में कुछ कम-ज्ञात तकनीकों का वर्णन किया गया है जिनका आप Vector Magic का सबसे अधिक लाभ उठाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

स्कैन की गई इमेजेस

हमें पर्याप्त संख्या में स्कैन की गई इमेजेस मिलती हैं - उनमें से बहुत से ऐसे कलाकार्य हैं जिन्हें प्रिंट किया गया है और उन्हें पुन: वैक्टरीकृत करने की आवश्यकता है। इन इमेजेस के लिए अनेक विशिष्ट लक्षण हैं:

  • अनेक पिक्सेल्स तक किनारे के ट्रांज़िशन सहित आकृति के किनारे अकसर धुंधले होते हैं।
  • प्रिंटिंग प्रोसेस में रंग अलग होने से रंग पूरी तरह से ओवरलैप नहीं होते हैं। इससे अकसर किनारों के आसपास पिक्सेल्स पर "फाल्स रंगों" का सृजन होता है। उदाहरण के लिए, किनारे का निचला हिस्सा थोड़ी अधिक नीली रंगत वाला हरा, जबकि ऊपरी भाग थोड़ा अधिक पीला हो सकता है (कई संयोजन संभव हैं)।

    स्कैनों से रंग अलग करना। स्कैन से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए रंगों की संख्या सीमित करें।

विज़ार्ड में कस्टम रंग विकल्प का चयन करते हुए Vector Magic द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों को सीमित करना और स्कैनिंग करते समय सही रेज़ोल्यूशन का इस्तेमाल करना स्कैन्ड कलाकार्य में सफल परिणाम हासिल करने का महत्वपूर्ण साधन है। आप आमतौर पर मिश्रण सहित कलाकार्य विकल्प का इस्तेमाल करना चाहते हैं, क्योंकि स्कैनर ज्यादातर हमेशा मिश्रित किनारों वाला परिणाम सृजित करता है। मुख्य अपवाद तभी होता है कि यदि आपने स्कैनर को केवल ब्लैक-एंड-वाइट के लिए बाध्य किया हो, जिसकी हम सिफारिश नहीं करते हैं। यदि आप रंगों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो ग्रेस्केल आमतौर पर बेहतर विकल्प है।

स्कैन्स में धुंधला होने के अलावा आमतौर पर कुछ साल्ट-एंड-पैपर नॉइज़ होता है, और रंग बहुत अलग हो सकते हैं। रंगों को सीमित करने के लिए "कस्टम रंग" विकल्प का इस्तेमाल करें और इसका प्रभाव कम करें। यह किसी भी तरह के शेष धुंधलेपन के प्रभाव को सीमित करने में भी मदद करता है।

जब स्कैनिंग ऐसी हो कि किनारे के ट्रांज़िशन लगभग एक पिक्सेल पर हों, तब आप इस्तेमाल किए गए रेज़ोल्यूशन का पता लगाना चाहते हैं। यह ऐसी स्पष्ट इमेज बनाता है जिसमें सामान्यतः ओरिजनल (मूल) में मौजूद सभी आवश्यक जानकारी होती है। यदि आप नहीं जानते हैं कि कहाँ से शुरू करें, तो 150 DPI पर स्कैनिंग आज़माएं और आपके किनारे कितने चौड़े हैं, इसके आधार पर ऊपर या नीचे जाएं।

आप इससे अधिक रेज़ोल्यूशन (जैसे 300 DPI) पर भी स्कैन कर सकते हैं और फिर बिटमैप संपादक में इमेज को स्केल डाउन कर सकते हैं। इमेज की शुद्धता बनाए रखने के लिए ऐसा करते समय क्यूबिक इंटरपोलेशन का इस्तेमाल करना सुनिश्चित करें।

इन सरल तकनीकों के इस्तेमाल से आमतौर पर स्कैन किए गए कलाकार्य से अच्छे परिणाम मिलते हैं।

स्कैनों को वैक्टरीकृत करने के तरीके के बारे में गहन ट्यूटोरियल भी देखें।

ड्राइंग्स और रेखाचित्र

बहुत सारे कलाकार अपने कला सृजन के लिए पारंपरिक गैर-डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, और स्कैन-एंड-वेक्टराइज़ इस कलाकार्य को डिजिटाइज़ करने का एक तरीका है।

वैक्टराइज़ेशन के नजरिए से ड्राइंग्स चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि उनके रंग आमतौर पर बहुत विविध होते हैं और आकृतियां आमतौर पर पूरी तरह से कनेक्टेड नहीं होती हैं, बल्कि स्ट्रोक्स के बीच सफेद रंग से अलग होती हैं। फिर उन्हें स्कैन किया जाता है, स्कैनर अंतिम बिटमैप परिणाम में अपने स्वयं के आर्टिफेक्ट्स जोड़ देता है।

ड्राइंग्स को वैक्टरीकृत करते समय, यह जानना महत्वपूर्ण है कि आउटपुट उतनी ही अच्छा होगा जितना अच्छा इनपुट होता है। यदि आप चाहते हैं कि कोई एक रेखा हो, परंतु इसे बीच में स्पष्ट अंतराल के साथ दो रेखाओं के रूप में चित्रित किया गया हो, तो संभावना है कि यह दो रेखाओं के रूप में प्रदर्शित होगी।

हालांकि ऐसे अनेक सरल तरीके हैं जिनसे आप वैक्टर परिणाम सुधार सकते हैं:

  • जब सफेद कागज पर स्कैन किए गए पेंसिल या चारकोल स्केच को वैक्टरीकृत कर रहे हों, तब मिश्रण विकल्प वाले लोगो का इस्तेमाल करें और रंगों को सफेद और हल्के ग्रे तक सीमित करें

    रंगों को ग्रे और सफेद तक सीमित करने से विवरण को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

    आप शायद ब्लैक-एंड-व्हाइट में स्केच प्राप्त करना चाहते हों, परंतु Vector Magic को हल्के ग्रे का इस्तेमाल करने का निर्देश देने से यह अस्पष्ट रेखाओं को बैकग्राउंड की बजाय रेखाओं के रूप में व्याख्या कर पाता है जिससे अधिक विवरण प्राप्त हो पाता है। फिर आप अपने पसंदीदा वैक्टर संपादक में आसानी से रंग बदल सकते हैं।

  • निम्न क्वालिटी सेटिंग का इस्तेमाल करें। यह Vector Magic को किनारों को अधिक सपाट करने की सुविधा देता है, और ड्राइंग में अनायास अलग-अलग रंगों के कारण आउटपुट में नॉइज़ की मात्रा कम करता है।
  • स्कैन करने से पहले स्केच में स्याही इत्यादि भरना रंगों को कहीं अधिक वास्तविक और समान बनाता है, जो वेक्टराइज़ेशन को आसान बनाता है। हालांकि, अपनी मूल कला के प्रति सावधान रहें और ऐसा तभी करें जब आप इसमें सहज हों!
  • बिटमैप इमेज को स्कैन करने के बाद हेरफेर करना आमतौर पर उतना कारगर नहीं होता जितना कि इस्तेमाल किए गए रंगो को सफेद और हल्के ग्रे तक सीमित करना कारगर होता है, और इस पर खर्च किया गया समय वेक्टर परिणाम पर समय खर्च करने से बेहतर है।

धुंधली इमेजेस

जब इनकी विस्तार से जाँच की जाती है तो बहुत-सी मूल बिटमैप कला काफी धुंधली पाई जाती हैं। साधारण शब्दों में ऐसी इमेज जिसमें किनारों के ट्रांज़िशन एक पिक्सेल से अधिक चौड़े हो, प्रभावी रूप से धुंधली है। इमेज कम्प्रेशन अल्गोरिद्म जिस तरह काम करता है, उसके परिणास्वरूप लगभग सभी JPEG इमेजेस धुंधली हो जाती हैं, जो आपके बिटमैप कलाकार्य के लिए हमारे द्वारा आमतौर पर PNG की सिफारिश करने का एक कारण यह भी है।

धुंधलेपन के विभिन्न स्तर। ध्यान दें कि किस तरह धुंधलेपन के मामलों में किनारे का ट्रांज़िशन एक से अधिक पिक्सेल पर होता है। आदर्श रूप से आप चाहते हैं कि आपकी इनपुट इमेजेस यथासंभव स्पष्ट हों।

धुंधलेपन से बचने के लिए दो प्राथमिक बचाव हैं:

  1. रंगों की संख्या सीमित करें। किसी सफेद और काले क्षेत्र के बीच में ग्रे होना स्वयं में आकृति होने के लिए नहीं है, परंतु धुंधली इमेजेस के साथ कभी-कभार यह गलती हो सकती है। यदि आप इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों को काले और सफेद तक सीमित करते हैं, तो ये ग्रे आकृतियां निकाल दी जाएंगी।
  2. बहुत धुंधली इमेजेस के लिए (ऐसा विशिष्ट तौर पर स्कैन्स, या बेहद खराब तरीके से JPEG की गई इमेजेस में होता है) आप इमेज को थोड़ा सिकोड़ कर सकते हैं (इमेज की पूर्णता को बनाए रखने के लिए क्यूबिक इंटरपोलेशन का इस्तेमाल करते हुए)। यह इसे कारगर रूप से स्पष्ट बनाता है और बेहतर वैक्टराइज़ेशन परिणाम दे सकता है।

    ऐसा केवल तभी किया जाना चाहिए जब आप मूल से जिन विवरणों को दोबारा प्राप्त करना चाहते हैं वे इतने छोटे नहीं हैं कि इमेज सिकुड़ने पर गायब हो जाएं।

फोटोज़

फोटो को शैलीबद्ध कला में बदलें! फोटो को मिश्रण सहित लोगो विकल्प का इस्तेमाल करके प्रोसेस करें, और केवल दो या तीन रंगों का इस्तेमाल करें। यह एक बढ़िया इमेज सृजित करता है जिसका आप पोस्टर की बैकग्राउंड जैसी ग्राफिक कला के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ोटो कैसे वेक्टरीकृत करें, इस पर विस्तृत ट्यूटोरियल भी देखें।

परिणाम संपादित करें - ऑनलाइन!

इस उपकरण की जाँच करें! समस्या समाधान गाइड के निचले दाएं कोने में किसी भी ट्रेसिंग उपकरण अब तक शामिल किया गया शायद सबसे शक्तिशाली संपादन फीचर: सेगमेंटेशन संपादक मौजूद है। सेगमेंट्स इमेज के मोटे तौर पर विभाजित ऐसे क्षेत्र हैं जो वैक्टर आउटपुट में आकृतियों को बनाने के लिए सपाट किए जाते हैं।

सेगमेंटेशन संपादक सेगमेंटेशन में कुछ पिक्सेल्स को संपादित करना बहुत आसान बनाता है (टूटी रेखाओं की मरम्मत करना, नॉइज़ के टुकड़े निकालना, रंग बदलना)। तैयार वैक्टर इमेज में उन्हें बदलने की तुलना में इसका इस्तेमाल करना अधिक समय बचाता है।


प्री-क्रॉप

आपकी इमेज का आकार, आकार की सीमा से अधिक है। बेहतरीन परिणामों के लिए, कृपया इमेज की उस भाग तक काट-छाँट करें जिसे आप वैक्टरीकृत करन चाहते हैं।

आकार सीमा


ओरिजनल (मूल) इमेज

आकार
आस्पेक्ट अनुपात:
मेगापिक्सेल्स:

काट-छाँट की गई इमेज

आकार
आस्पेक्ट अनुपात:
मेगापिक्सेल्स:
काट-छाँट की गई इमेज का आकार सीमा से अधिक है और इसे फिट करने के लिए स्केल किया जाएगा।
आकार सीमा पूरी हो गई, पूरा रेज़ोल्यूशन बनाए रखा गया।